श्रेष्ठ क्या: शाकाहार या मांसाहार

डॉ जाकिर नाइक कहते हैं कि हमारे कैनाइन दांत होते है जो सिर्फ मांसाहार के काम आते हैं. वास्तव में हमारे सामने के दांतों और दाढ़ो के बीच जो नुकीला दांत है वह कैनाइन दांत(रदनक दन्त ) कहलाता है. इसका मुख्या कार्य चीजो को पकड़ कर काटना होता है......

सत्यार्थ प्रकाश

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`गाय की पूजा क्यूँ और कैसे?

भारत में गाय को एक विशिष्ट प्रदान किया गया है. इसे देवी की संज्ञा प्रदान की गयी है. अब प्रश्न यह उठता है कि क्या हिन्दू गाय को इश्वर के समान पूजते है? यह तो वास्तविकता है कि गाय को देवी माना गया है इश्वर के सामान नहीं...

भारतीय इतिहास का विकृतीकरण

भारत के इतिहास को किस तरह विकृत किया गया है तथा सच्चाई क्या है येही इस पुस्तक में बताया गया है. पुस्तक पढने के लिए नीचे क्लिक करें..

आओ राष्ट्र रक्षा में जुट जाएँ

इस पुस्तक को पढ़ें:"आओ राष्ट्र रक्षा में जुट जाएँ "

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बुधवार, 16 नवंबर 2011

गौ करूणानिधि: स्वामी दयानंद सरस्वती

मह्रिषी दयानंद सरस्वती 

इन्द्रो॒ विश्व॑स्य राजति। शन्नो अस्तु द्वि॒पदे॒ शं च॑तुष्पदे॥
य॰ अ॰ ३६ । मं. ८ ॥
तनोतु सर्वेश्वर उत्तम्बलं गवादिरक्षं विविधं दयेरितः।
अशेषवघ्नानि निहत्य नः प्रभूः सहायकारी विदधातु गोहितम् ॥ १॥
ये गोसुखं सम्यगुशन्ति धीरास्ते धर्म्मजं सौख्यमथाददन्ते।
क्रूरा नराः पापरता न यन्ति प्रज्ञाविहीनाः पशुहिंसकास्तत् ॥ २ ॥

वे धर्मात्मा लोग धन्य हैं, जो ईश्वर के गुण, कर्म्म, स्वभाव, अभिप्राय, सृष्टि क्रम, प्रत्यक्षादि प्रमाण और आप्तों के आचार से अविरुद्ध चलके सब संसार को सुख पहुंचाते हैं। और शोक है उन पर जो कि इनसे विरुद्ध चलके स्वार्थी दयाहीन होकर जगत् में हानि करने के लिए वर्त्तमान हैं। पूजनीय जन वे हैं कि जो अपनी हानि होती तो भी सब के हित के करने में अपना तन, मन, धन लगाते हैं। और तिरस्करणीय वे हैं जो अपने ही लाभ में संतुष्ट रहकर सबके सुखों का नाश करते हैं।................................. और आगे पढने के लिए निम्न लिंक पर जाएँ:


"गौ करूणानिधि"

आओ राष्ट्र रक्षा में जुट जाएँ

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मंगलवार, 15 नवंबर 2011

भारतीय इतिहास का विकृतीकरण


भारत के इतिहास को किस तरह विकृत किया गया है तथा सच्चाई क्या है येही इस पुस्तक में बताया गया है.
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"भारतीय इतिहास का विकृतीकरण" 

शनिवार, 12 नवंबर 2011

सत्यार्थ प्रकाश

महर्षि दयानंद सरस्वती 
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